आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई: जेल की कोठरी से ईरान के सर्वोच्च नेता तक का सफ़र

महज़ 11 साल की उम्र में मौलवी बने ख़ामेनेई स्वयं को सुप्रीम लीडर पद के योग्य नहीं मानते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी स्थिति मज़बूत कर ली.

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