न बुलडोजर रुका, न जुर्म… कोर्ट के समानांतर ‘त्वरित न्याय’ कितना कारगर?

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन भीड़ ने एक युवक की मामूली बात पर हत्या कर दी. मामला हिंदू-मुस्लिम वाला हो गया. पीड़ित पक्ष न्याय की बात कर रहा था, एनकाउंटर की मांग कर रहा था. इस बीच प्रशासन ने आरोपी पक्ष के मकान पर बुलडोजर चलवा दिया. अब दोनों पक्ष ‘पीड़ित‘ हैं. और प्रशासन ‘त्वरित न्याय’ देकर मुक्त.

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