संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली वैश्विक फाइनेंसिंग 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जिसमें निजी और सार्वजनिक दोनों स्रोत शामिल हैं. वहीं, प्रकृति संरक्षण के लिए खर्च केवल 220 अरब डॉलर रहा. भारत में चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे भारी जनहानि और आर्थिक नुकसान हो रहा है.
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