भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए साधु, संत और पुजारियों को उम्मीदवार बनाकर नई रणनीति अपनाई है. पार्टी योगी आदित्यनाथ मॉडल पर चलते हुए धार्मिक प्रभाव के जरिए तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देना चाहती है. कालीगंज, उलुबेरिया दक्षिण, नवद्वीप, बेहाला पूर्व और हासन जैसी सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारे गए हैं. इनका उद्देश्य धार्मिक आधार पर वोटरों को जोड़ना है. अब 4 मई को नतीजे बताएंगे कि यह रणनीति कितनी सफल रहती है.