भारत के एक बार फिर से रफ़ाल पर दांव लगाने की वजह जानिए

पहले रफ़ाल को दूसरे विमानों के साथ प्रतिस्पर्धा में चुना गया था. इस बार रफ़ाल को सीधे ही ख़रीदने की बात है. अगर विमानों का ट्रायल होता, तो कमोबेश एक-डेढ़ साल लग जाते.

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