'उधार लो या भीख मांगो…', पति के 9 हजार कमाई पर सुप्रीम कोर्ट भी हैरान

सुप्रीम कोर्ट में तलाक और गुजारा भत्ता मामले की सुनवाई के दौरान पति ने दावा किया कि उसकी मासिक आय सिर्फ नौ हजार रुपये है, जबकि उसे दस हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश मिला है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस पर अविश्वास जताया. वहीं, कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

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