'सिर्फ नवाब और कबाब तक महदूद नहीं …', अवध की संस्कृति पर बोले – लेखक और साहित्यकार

साहित्य आजतक लखनऊ के स्टेज टू पर ‘दास्तान-ए-अवध : कल और आज’ में वहां के लेखकों और साहित्यकारों ने अवध की विविध संस्कृतियों, परंपराओं, नजाकत, नफासत, कबाब और नवाब से लेकर स्वतंत्रता संग्राम में अवध क्षेत्र के योगदान पर अपनी-अपनी बातें रखी.

Posted in Uncategorized