'सूतक काल के दौरान खाना मना', बोले ज्योतिषाचार्य

ज्योतिषाचार्य का कहना है कि काल में पूजा पाठ और भोजन करना सामान्यतया निषेध होता है. हालांकि, बालक और वृद्धों के लिए कुछ छूटें दी गई हैं. इन छूटों के अनुसार वे भगवान की पूजा, कीर्तन और भजन कर सकते हैं. मूर्ति स्पर्श भी उनके लिए संभव है. यह नियम धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार बनाए गए हैं ताकि पुण्य कार्य सही समय पर किया जा सके. काल के समय कुछ कार्यों पर रोक लगाई जाती है, परंतु उन पर छूट भी विशेष वर्गों के लिए सुनिश्चित की गई है.

Posted in Uncategorized