इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती पुलिस मुठभेड़ों, विशेष रूप से आरोपियों के पैरों में गोली मार कर उन्हें एनकाउंटर बताने की प्रवृत्ति पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है. न्यायाधीश अरुण कुमार देशवाल की सिंगल बेंच ने स्पष्ट कहा कि पुलिस कानून से ऊपर नहीं है और अपराधी को सजा देना न्यायपालिका का काम है, न कि पुलिस का. यह निर्णय पुलिस और न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करता है तथा कानून का पालन करने का संदेश देता है.
Related Posts
Uncategorized
लखनऊ में डबल मर्डर से हड़कंप, मां-बेटे की घर में घुसकर हत्या
- आज तक
- March 10, 2026
- 0
लखनऊ में एक भयावह घटना हुई जिसमें मां और उसके दृष्टिबाधित बेटे की निर्मम हत्या कर दी गई. बेटे का शव टब में पड़ा मिला, जबकि कमरे में महिला की लाश रखी थी. इस हादसे ने पूरे इलाके में भय का माहौल बना दिया है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोष…
Uncategorized
चांदी के बाद अब शेयर बाजार क्रैश… सेंसेक्स 2500 अंक गिरा, ये 5 स्टॉक्स तबाह?
- आज तक
- March 19, 2026
- 0
Gold-Silver To Stock Market Crash: शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक में तबाही मची हुई है. गुरुवार को चांदी देखते ही देखते 5 फीसदी से ज्यादा बिखर गई, तो आखिरी कारोबारी घंटे में आई सुनामी के चलते बीएसई सेंसेक्स करीब 2500 अंक टूटकर बंद हुआ….
Uncategorized
लखनऊ: बेटे पर पिता की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में छुपाने का आरोप, नीट की तैयारी को लेकर हुआ था विवाद
- BBC News हिंदी
- February 25, 2026
- 0
पुलिस के मुताबिक़ मानवेंद्र सिंह अपने बेटे को नीट (मेडिकल) परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए कहते थे. इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में तनाव था और उनके बीच अक्सर विवाद हो जाता था….