मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जाम, दिल्ली जनकपुरी गड्ढा हादसा और सूरजकुंड मेले में झूला टूटने की घटनाओं ने सिस्टम की गंभीर नाकामी उजागर की है. हर बार असली ज़िम्मेदारी तय होने के बजाय ‘बलि का बकरा’ बनाया जाता है.
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