अमेरिका ने पाकिस्तानी बेस मुख्य रूप से सोवियत संघ (U-2 कांड, 1960) और अफ़ग़ानिस्तान युद्ध (शमसी बेस, 2001-2011) के लिए इस्तेमाल किए हैं. ईरान पर सीधी जासूसी या हमले का कोई पक्का सबूत नहीं. अफवाहें पाकिस्तान ने खारिज की हैं. आज अमेरिका कतर (अल उदैद), UAE, बहरीन और डिएगो गार्सिया जैसे खाड़ी बेस से ईरान पर निगरानी रखता है.
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