स्वाति मालीवाल ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। लेकिन आज के समय में सरकारी स्कूल पहले जैसी प्राथमिकता नहीं रहे हैं। वे अब बच्चों के लिए पहली पसंद नहीं बल्कि एक मजबूरी बन गए हैं। इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं जिनका असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है।
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