'अगर समर्पण है तो शिव को भी आना पड़ेगा', मालिनी अवस्थी ने लोककथाओं के जरिए प्रेम को समझाया

साहित्य आजतक लखनऊ में ‘प्रेम गली अति सांकरी- लोक संगीत में प्रेम’ सेशन में पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि भारतीय लोक और संस्कृति में प्रेम किसी उत्सव की तरह रचा-बसा है. उन्होंने लखनऊ को प्रेम का नगर बताते हुए रामचरितमानस, राम-जानकी, राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती के प्रसंगों के जरिए समझाया कि प्रेम मर्यादा, समर्पण और बंधनमुक्त भाव का संगम है.

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