कहानी : किराए का मकान | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

उन्हें किराए का मकान चाहिए था लेकिन उनके पास कोई कागज़ नहीं था. उनकी भाषा भी अलग थी और कपड़े भी कुछ अलग परिवेश के थे पर उनकी एक कहानी थी. एक उदास कहानी जो उन्होंने बताई तो मैं ना नहीं कर पाया लेकिन कुछ दिनों बाद मुझे उनकी ख़ौफनाक सच्चाई पता चली… सुनिये कहानी ‘किराए का मकान’ स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से

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