ईरानी शासन प्रदर्शनकारियों को फांसी के आरोपों से इनकार कर रही है, लेकिन स्थानीय मीडिया का मानना है कि प्रदर्शनकारियों को कानूनी शब्दों में “आतंकी” या “उपद्रवी” घोषित किया जाता है. आरोप बदलते ही सजा भी बदल जाती है और कई मामलों में ‘सजा-ए-मौत’ का रास्ता खुल जाता है.