लखनऊ के एक करोड़पति व्यापारी मानवेंद्र सिंह और उनके 19 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह की. अक्षत ने पढ़ाई के दबाव में आकर अपने पिता को गोली मार दी और फिर उस लाश को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में रखा. उसकी छोटी बहन कीर्ति इस वारदात की चश्मदीद थी. आरोप है कि नीट की तैयारी को लेकर हुई कई बहसों ने यह घटना को जन्म दिया.
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