वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मठ और उन पर लगे आरोपों के बीच अब शंकराचार्य परंपरा से जुड़ी उनकी पुरानी शिष्या नील मणि शास्त्री सामने आई हैं. उन्होंने मठ की संरचना, यहां की शिक्षा व्यवस्था, बालिकाओं की मौजूदगी और तथाकथित शीश महल व स्विमिंग पूल जैसे दावों पर विस्तार से अपनी बात रखी है.
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