अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद ने FIR में नाम होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं वह सही नहीं है. इतना घिनौना आरोप प्रधानमंत्री भी नहीं लगा सकते हैं. शंकराचार्य हमेशा आलोचना करते आए हैं लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने ऐसी कोई बात नहीं सोची. इस मामले में शिष्य ने स्पष्ट किया कि वह आरोपों को गलत मानते हैं और निष्पक्ष न्याय की फिक्र करते हैं. यह बयान यौन शोषण मामले के सन्दर्भ में सामने आया है जिसमें अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद दोनों आरोपी हैं. इस विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है.
Related Posts
Uncategorized
भारत को हरीश राणा को जाने देने में 13 साल क्यों लगे: एक राष्ट्र के लिए सबक
- आज तक
- March 12, 2026
- 0
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा मामले में महत्वपूर्ण फैसला देते हुए उनके माता-पिता को क्लिनिकली एडमिनिस्टर्ड न्यूट्रिशन हटाने की अनुमति दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि फीडिंग ट्यूब भी मेडिकल ट्रीटमेंट है और रिकवरी की संभावना न होने पर इसे हटाया जा सकता है.
…
Uncategorized
एक साथ नजर आए कॉमेडियन कृष्णा और सुदेश
- आज तक
- March 18, 2026
- 0
कॉमेडियन कृष्णा और सुदेश एक साथ नजर आए.
Uncategorized
भारत और पाकिस्तान की तरफ़ से लड़ने वाले दो सगे भाइयों की कहानी – विवेचना
- BBC News हिंदी
- February 22, 2026
- 0
युद्ध में सगे भाइयों के लड़ने के कई क़िस्से मशहूर हैं लेकिन ये क़िस्सा काफ़ी अनूठा है, जब दो सगे भाई लड़ाई के मैदान में एक दूसरे के दुश्मन की तरह मैदान-ए-जंग में उतरे….