मुंबई की मजगांव अदालत ने 1977 में दर्ज 7.65 रुपये की चोरी के मामले को करीब 50 साल बाद बंद कर दिया. आरोपी और शिकायतकर्ता के वर्षों से लापता रहने के कारण अदालत ने केस को अनावश्यक रूप से लंबित बताते हुए आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया. यह फैसला पुराने मामलों के निस्तारण की मुहिम का हिस्सा है.