ज्योतिषाचार्य का कहना है कि काल में पूजा पाठ और भोजन करना सामान्यतया निषेध होता है. हालांकि, बालक और वृद्धों के लिए कुछ छूटें दी गई हैं. इन छूटों के अनुसार वे भगवान की पूजा, कीर्तन और भजन कर सकते हैं. मूर्ति स्पर्श भी उनके लिए संभव है. यह नियम धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार बनाए गए हैं ताकि पुण्य कार्य सही समय पर किया जा सके. काल के समय कुछ कार्यों पर रोक लगाई जाती है, परंतु उन पर छूट भी विशेष वर्गों के लिए सुनिश्चित की गई है.
Related Posts
Uncategorized
चेहरे पर खुशी और पति आनंद का साथ, सोनम कपूर की 'गोद भराई' की फोटोज वायरल
- आज तक
- February 8, 2026
- 0
बॉलीवुड की ‘फैशनिस्टा’ सोनम कपूर और आनंद आहूजा अपने दूसरे बच्चे का वेलकम करने के लिए एक दम तैयार है. सोनम ने 8 फरवरी को अपने घर पर एक बेहद प्यारी और निजी ‘बेबी शॉवर’ सेरेमनी होस्ट की. …
Uncategorized
वेश्यावृत्ति का दबाव और मौत… 11 महीने की बच्ची की मां की दर्दनाक कहानी
- आज तक
- February 10, 2026
- 0
कर्नाटक से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. यहां ओम नगर में रहने वाली 22 वर्षीय अंजनाबाई पाटिल ने कथित तौर पर अपने ही घर में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. 11 महीने की एक बच्ची की मां अंजनाबाई की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. …
Uncategorized
कराची अग्निकांड: एक ही दुकान से 30 शव बरामद, अबतक 61 की मौत
- आज तक
- January 21, 2026
- 0
धुएं के बीच कराची के गुल शॉपिंग प्लाजा की खंडहर सी तस्वीरें सामने आई हैं. वहां एक छोटी सी दुकान से 30 शव बरामद होना इस त्रासदी की गहराई को और अधिक भयावह बना देता है, जबकि कई नाम अब भी लापता हैं और आशा की आखिरी आस धुएं में खो सी जाती दिखती है….