होली के रंग पूरे देश में अलग-अलग अंदाज में बिखरते हैं, लेकिन बुंदेलखंड के झांसी के पास बसे डगरवाहा गांव में होली का रंग कुछ खास ही होता है. यहां होली सिर्फ गुलाल तक सीमित नहीं रहती, बल्कि महिलाओं के लट्ठ और पुरुषों की ढाल के बीच सदियों पुरानी परंपरा जीवंत हो उठती है. खाती बाबा के स्थान पर होने वाली इस लट्ठमार होली को देखने के लिए हर साल दूर-दूर से हजारों लोग पहुंचते हैं.
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