ईरान ने भले अपनी टॉप लीडरशिप को खो दिया हो लेकिन अब भी ईरान की सेना के पास साढ़े 3 लाख जवानों की फौज है. ‘Islamic Revolutionary Guard Corps’ के पास 1 लाख 90 हज़ार सैनिकों की फौज है और ईरान की Basij Resistance Force के पास 40 हज़ार जवान हैं. ईरान के ये लाखों जवान इस युद्ध को लम्बे वक्त तक खींचने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे अमेरिका और इज़रायल की सेना, उनके संसाधन, उनके हथियार, उनकी अर्थव्यवस्था और उनके सैनिकों को मनोबल टूटने लगे और ये युद्ध आगे जाकर उनके लिए थकाऊ बन जाए.
Related Posts
Uncategorized
मॉन्टेग्यू सुधार से पेरियार तक… तमिलनाडु में कैसे पड़ी आरक्षण की नींव और उदय हुआ पेरियार का सोशल जस्टिस
- आज तक
- February 24, 2026
- 0
1920 के दशक में मद्रास प्रेसीडेंसी में जस्टिस पार्टी ने पहली गैर-ब्राह्मण सरकार बनाई और सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए. उन्होंने सरकारी नौकरियों में आरक्षण की शुरुआत की और मंदिर प्रशासन में सुधार किए. डॉ. मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी जैसे नेताओं ने म…
Uncategorized
1300 करोड़ में बन रही 'वाराणसी', रिलीज डेट के साथ कहानी से उठा पर्दा?
- आज तक
- January 30, 2026
- 0
एस.एस.राजामौली की अगली एपिक फिल्म ‘वाराणसी’ की रिलीज डेट अनाउंस हो गई है. डायरेक्टर अपनी फिल्म को उगादि के शुभ त्योहार पर लेकर आ रहे हैं. रिलीज डेट के साथ-साथ फिल्म का प्लॉट भी लीक हुआ है….
Uncategorized
बांग्लादेश से भारत के लिए गुड न्यूज! एक्सपर्ट बोले- चुनाव नतीजों से रिश्तों में आएगी गर्माहट
- आज तक
- February 14, 2026
- 0
पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अन्य विशेषज्ञों ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत को भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए सकारात्मक बताया है. विशेषज्ञों का मानना है कि जनता ने जमात-ए-इस्लामी के कट्टरपंथ को खारिज कर लोकतंत्र को चुना है, जिससे सीमा …