वाराणसी में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गंगा नदी में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि कोई मांस और मदिरा का सेवन कर रहा है तो कोई गंगा में क्रूज चलाकर होटल जैसी व्यवस्था बनाकर लोगों को रुकवा रहा है. यह सब अनाचार की श्रेणी में आता है और इससे गंगा की पवित्रता प्रभावित हो रही है. शंकराचार्य ने अपने विद्यामठ आश्रम से मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पहले नावों पर इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं होती थी, लेकिन अब नावों में आड़ बनाकर सुविधाएं दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि जब गंगा को माई की जगह कमाई का साधन बना दिया गया, तो फिर कमाई के नजरिए से कई तरह की गतिविधियां शुरू हो जाती हैं. इसका सीधा असर यह होता है कि लोग पैसे देकर कुछ भी करने की सोच रखते हैं.
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