मुसलमान और आप्रवासी मुद्दे के सहारे असम से आगे की राजनीति साध रहे हैं हिमंता?

हिमंता ने अपने पांच साल के कार्यकाल में कई ऐसे बयान दिए या फ़ैसले लिए, जिन्हें विपक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक विश्लेषक अल्पसंख्यक विरोधी मानते हैं.