भारत और यूरोपियन यूनियन में ऐसा क्या होने जा रहा है कि ईयू ने कहा- मदर ऑफ़ ऑल डील्स

ईयू और भारत दोनों अमेरिकी दबाव में हैं. ऐसे में ईयू और भारत के बीच होने जा रहे एफ़टीए को एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.

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