‘चप्पल थी तो जूता नहीं, जूता था तो चप्पल नहीं, मंच पर रोने लगे ब्रजेश पाठक

मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक गरीबी और अपने संघर्षों पर बात करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने चप्पल-जूते की कमी, संघर्षपूर्ण जीवन और स्टोव पर रोटी बनाने के दिनों को याद किया. मंच पर उनकी आंखों से आंसू निकल आए. बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राजनीति और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी.

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