सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने पूर्व सीजेआई बीआर गवई के कार्यकाल में जस्टिस अतुल श्रीधरन के तबादले से जुड़े कॉलेजियम फैसले पर सवाल उठाते हुए कार्यपालिका के दखल की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अगर किसी जज को सरकार के लिए असुविधाजनक फैसले देने के कारण ट्रांसफर किया जाता है और यह बात कॉलेजियम प्रस्ताव में दर्ज होती है, तो इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कॉलेजियम सिस्टम की निष्पक्षता पर गंभीर असर पड़ता है.
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