भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ समझौता केवल टैरिफ या सप्लाई चेन तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों पुराने भारत-यूरोप व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों की निरंतरता को दर्शाता है. इस ऐतिहासिक डील के पीछे भारत और यूरोप के बीच दो हजार साल पुराना व्यापारिक संबंध भी है.
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मध्य-पूर्व में जारी जंग से क्या भारत में बढ़ेंगे तेल के दाम या रूस से ज़रूरत पूरी हो जाएगी?
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