भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ समझौता केवल टैरिफ या सप्लाई चेन तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों पुराने भारत-यूरोप व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों की निरंतरता को दर्शाता है. इस ऐतिहासिक डील के पीछे भारत और यूरोप के बीच दो हजार साल पुराना व्यापारिक संबंध भी है.
Related Posts
वेनेजुएला-इराक पर बोले वायुसेना प्रमुख- बिना इच्छाशक्ति के सैन्य ताकत बेकार है
- आज तक
- January 21, 2026
- 0
वेनेजुएला और इराक उदाहरण देकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि सैन्य ताकत राष्ट्रीय शक्ति का अंतिम फैसला है, लेकिन उसका इस्तेमाल करने की इच्छाशक्ति ज्यादा जरूरी है. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका बताई, जो पाकि…
प्रेमी को पकड़कर लड़की पहुंची पुलिस के पास, लगाई ये गुहार
- आज तक
- February 6, 2026
- 0
उज्जैन में बुधवार देर शाम एक युवती अपने कथित प्रेमी को जबरन खींचते हुए पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच गई और जमकर हंगामा किया. रोती-बिलखती युवती युवक का गिरेबान पकड़कर पुलिसकर्मियों से न्याय की गुहार लगाती रही और आरोप लगाया कि युवक 5 साल तक शादी का झांसा देकर …
स्वतंत्रता में RSS का अपना स्थान रहा है: जीतन राम मांझी
- आज तक
- March 17, 2026
- 0
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आरएसएस का स्वतंत्रता संग्राम और इसके बाद के समय में एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है. यह संस्था कंस्ट्रक्टिव कार्यों में लगी रही है और खुद संस्था खराब नहीं होती. कुछ व्यक्तियों की वजह से संस्था को दोषी ठहराना उचित नही…