भाजपा की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विवाद पर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि उनके बयान को योगी विरोधी न समझा जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सम्मान करती हैं. उमा भारती ने कहा कि कानून-व्यवस्था पर सख्ती जरूरी है, लेकिन किसी से शंकराचार्य होने का सबूत मांगना मर्यादा का उल्लंघन है, जिसका अधिकार केवल विद्वत परिषद को है.
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