“युद्ध एक राजनीतिक क़दम होता है. एक बार सशस्त्र संघर्ष शुरू हो जाए तो उसे क़ाबू करना कठिन होता है. इसलिए नेताओं के सामने साफ़ और स्पष्ट लक्ष्य होना ज़रूरी है.” पढ़िए, बीबीसी के अंतरराष्ट्रीय संपादक जेरेमी बोवेन के विश्लेषण
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