प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि जब मैं उनका सदन में प्रदर्शन देखता हूं तो यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा की नगरी से आने की पृष्ठभूमि उनका नेतृत्व क्षमता पर गहरा प्रभाव डालती है. वे लोकसभा अध्यक्ष के रूप में न केवल एक पारंपरिक भूमिका निभाते हैं बल्कि एक समर्थ और सुगठित मुखिया की तरह कार्य करते हैं. उनका तरीका सभी सदस्यों को साथ लेकर चलने का होता है, जिससे सदन में सामंजस्य और कारगर संवाद स्थापित होता है.
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