IIT मद्रास और शास्त्र यूनिवर्सिटी की ताजा स्टडी में पता चला है कि भारत में दिव्यांग कर्मचारियों को नौकरी में समान अवसर नहीं मिल रहे हैं. कंपनियां केवल उन दिव्यांगों को नौकरी देती हैं जो पहले से ज्यादा सक्षम होते हैं, जबकि जिन्हें ज्यादा सहायता की जरूरत होती है, उन्हें नजरअंदाज किया जाता है. मेंटरशिप की कमी और कार्यस्थल पर सहकर्मियों का समर्थन न मिलने से उनकी उत्पादकता प्रभावित होती है.
Related Posts
Uncategorized
जनकपुरी में हादसे वाली जगह पहुंचे मंत्री आशीष सूद
- आज तक
- February 7, 2026
- 0
दिल्ली के जनकपुरी में जल बोर्ड के 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर युवक कमल की मौत हो गई. जिसके बाद अब दिल्ली सरकार एक्सन में है. इस मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं मंत्री आशीष सूद ने घटना स्थल पर पहुंच हालात का जाय…
Uncategorized
'समाज में नफरत फैला रही BJP', 2027 चुनाव से पहले मायावती ने पदाधिकारियों के साथ की बैठक
- आज तक
- February 7, 2026
- 0
बसपा सुप्रीम मायावती ने लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी. इस दौरान एसआईआर से लेकर तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई. बैठक के दौरान मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिया. …
Uncategorized
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है और कहां से हुई इसकी शुरुआत?
- BBC News हिंदी
- March 8, 2026
- 0
सालों से दुनियाभर के लोग आज के दिन महिला दिवस मनाते आ रहे हैं लेकिन इसकी शुरुआत कैसे हुई?