DGCA सूत्रों का कहना है कि बारामती एक क्लास-G एयरफील्ड है, जहां कम से कम 5 किलोमीटर विजिबिलिटी जरूरी होती है, लेकिन लैंडिंग के वक्त यह करीब 3 किलोमीटर ही थी. अब यही सवाल जांच का केंद्र है कि तय नियमों के बावजूद लैंडिंग का फैसला क्यों लिया गया.
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