दोनों हाथ नहीं, फिर भी बुलंद हौसले! मानसी पैरों से लिख रही सफलता की कहानी

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में 13 वर्षीय मानसी दोनों हाथों से दिव्यांग हैं, लेकिन पैरों से पढ़ाई, लिखाई और पेंटिंग कर रही हैं. पांचवीं की छात्रा मानसी रोजमर्रा के काम भी खुद करती हैं. साल 2021 में पिता की मौत के बाद मां मंजू ने हिम्मत नहीं हारी. स्कूल की प्रिंसिपल ने भी उनकी प्रतिभा की सराहना की है.

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