वाराणसी के सारनाथ के इतिहास में संशोधन हुआ है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने नई शोध और दस्तावेजों के आधार पर स्वीकार किया है कि सारनाथ का ऐतिहासिक महत्व सबसे पहले अठारहवीं सदी में बाबू जगत सिंह द्वारा कराए गए उत्खनन से सामने आया था, न कि ब्रिटिश अधिकारियों से. इसके बाद सारनाथ परिसर में लगा शिलापट्ट भी संशोधित कर दिया गया है. यह जानकारी जगतगंज राजपरिवार के प्रतिनिधि प्रदीप नारायण सिंह ने दी.
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