मध्यप्रदेश में एक नहीं, तीन भोजशालाएं थीं, तीनों का अतीत विध्वंस से भरा

परमार राजाओं ने धार में जिस भोजशाल और सरस्वती मंदिर का निर्माण करवाया, वह सुल्तान शासनकाल में विध्वंस का शिकार हुई. उसे न सिर्फ तोड़ा गया, बल्कि, उसी भोजशाला पर एक मस्जिद तामीर करवा दी गई- कमाल मौला मस्जिद. जब जब जुमा यानी शुक्रवार को वसंत पंचमी होती है, धार की भोजशाला को लेकर माहौल गर्म होने लगता है. जबकि ये सिर्फ धार का नहीं, दो और भोजशालाओं का भी कड़वा अतीत है.

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