इराक और कुवैत के बीच ये मसला अभी कूटनीतिक स्तर पर है. लेकिन 1990 को याद कीजिए. तब सद्दाम हुसैन ने इसी तरह के विवादों को बहाना बनाकर कुवैत पर आक्रमण किया था, जिससे इतिहास की यादें ताजा हो रही है. अब सद्दाम तो नहीं हैं लेकिन मुद्दा लगभग वैसा ही है. जलमार्ग नेविगेशन, तेल परिवहन और मछली पकड़ने का अधिकार दोनों देशों के लिए संवेदनशील है.
Related Posts
सुल्तानपुर: दो सगे भाइयों को गोली मारने वाले हिस्ट्रीशीटर दीपक का एनकाउंटर
- आज तक
- March 6, 2026
- 0
सुल्तानपुर के जनऊपुर गांव में मामूली विवाद के बाद हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. पुलिस ने मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर दीपक सोनकर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस खूनी खेल में एक भाई की मौत हो गई, जबकि दूसरा जिंदगी की …
अमेरिका के साथ बड़े देश, कब तक चलेगी जंग?
- आज तक
- March 2, 2026
- 0
अमेरिका खुद को एक सुप्रीम पावर बताता है और उसके साथ फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी भी शामिल हैं. हालांकि, अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि ये देश लड़ाई में सीधे भाग लेने के लिए तैयार हैं. ये देश अपने नौसैनिक ठिकानों और नागरिकों की रक्षा के लिए तैनात हैं…
येरूशलम में मिसाइल हमले से तबाही, आपातकालीन सेवाएं पहुंचीं
- आज तक
- March 2, 2026
- 0
येरूशलम में हाल ही में हुए मिसाइल हमले ने भारी तबाही मचाई है. ड्रोन के माध्यम से मिली विजुअल में आपातकालीन सेवाएं दुर्घटना स्थल पर पहुँचती हुई दिखाई दे रही हैं. मिसाइल रिहायशी इलाके में सीधे नहीं गिरी, बल्कि एक रास्ते के किनारे गिरी जिससे कई वाहन क्षति…