मौलाना साजिद रशीदी ने वंदे मातरम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुसलमानों के पास सरकारी नौकरियां और बड़े कारोबार तो कम ही होते हैं. इसके बावजूद उनके पास अपनी आस्था है जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है. अगर वे अपनी आस्था खो बैठें तो उनके पास कुछ बच नहीं पाएगा. यह आस्था ही उनकी पहचान और मजबूती का स्रोत है.
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