मोची जूते के कारीगर, नाई कहलाएंगे सौंदर्य सेवा प्रदाता… संसदीय समिति ने दिए ये सुझाव

संसद की उद्योग संबंधी स्थायी समिति ने सुझाव दिया है कि मोची, कुम्हार और नाई जैसे पेशों की पहचान जाति से नहीं बल्कि कौशल से होनी चाहिए. PM विश्वकर्मा योजना में पेशों के नाम बदलकर अधिक तटस्थ और पेशेवर बनाने की सिफारिश की गई है ताकि योजना अधिक समावेशी बन सके.

Posted in Uncategorized