साहित्य आजतक लखनऊ में शायर हिमांशु बाजपेयी ने कहा कि लखनऊ की जुबान और अंदाज अपनी एक अलग खासियत रखता है. दिल टूटने की तकलीफ को यहां के लोग बेहद नजाकत से व्यक्त करते हैं जो कि उनके शायराना और ठुमकते हुए बोली में झलकती है. यह अंदाज सिर्फ लखनऊ में ही देखने को मिलता है, जिसे वहां की भाषा का इत्र कहा जाता है.
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