कॉलेज के प्रिंसिपल तुराब हुसैन ने इस आयोजन को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद पहली बार गुरुद्वारे में प्रार्थना का आयोजन कॉलेज की 140वीं वर्षगांठ की शुरुआत का प्रतीक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में साम्प्रदायिक सौहार्द, पारस्परिक सम्मान और समझ को बढ़ावा देंगे.
Related Posts
Uncategorized
मृत्यु के बाद शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ते? जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण
- आज तक
- February 9, 2026
- 0
Garud Puran: गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद आत्मा और शव से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मान्यताएं बताई गई हैं. जानें शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ा जाता है और किन कारणों से दाह संस्कार में देरी की जाती है….
Uncategorized
'ये बेशर्म खड़े होकर…', लोकसभा में विपक्ष के हंगामे पर भड़़कीं निर्मला सीतारमण
- आज तक
- March 13, 2026
- 0
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलपीजी सिलेंडर के मुद्दे पर विपक्ष के प्रोटेस्ट को गैर जिम्मेदाराना बताया है. उन्होंने कहा कि ये संसद की सीढ़ियों पर चाय पी रहे और मांग कर रहे एलपीजी पर चर्चा की….
Uncategorized
New Zealand और Pakistan का मुकाबला हुआ रद्द!
- आज तक
- February 22, 2026
- 0
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का रोमांच अब सुपर-8 में पहुंच गया है लेकिन इसका पहला ही मुकाबला बारिश की भेट चढ़ गया है.
…