साहित्य आजतक लखनऊ के मंच पर ‘अपराध, माफिया और कहानियां’ विषय पर मनोज राजन त्रिपाठी, संजीव मिश्रा और पीयूष पांडेय ने चर्चा करते हुए कहा कि आज क्राइम की कहानियां इसलिए ज्यादा पढ़ी जाती हैं क्योंकि अपराध समाज का ‘न्यू नॉर्मल’ बन चुका है. हर इंसान के भीतर एक ‘ग्रे’ शेड मौजूद है.
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