सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की राजनीति में तो नई हैं लेकिन उनकी ताकत और कमजोरियां दोनों हैं. उन्होंने अभी तक पहली बार किसी सरकार में शपथ ली है और बीजेपी का पूरा समर्थन उनके साथ है. अजित पवार के निधन के बाद उनकी भूमिका में सहानुभूति उत्पन्न हुई है जो उनके लिए मजबूत पक्ष है. पार्टी के विधायकों का समर्थन भी उनके साथ है. इसके अलावा, पवार परिवार का नाम और बीजेपी का साथ उनके लिए खास मैदानी ताकत है. कमजोर पक्षों में एनसीपी के भीतर तालमेल की चुनौती और खुद का सरकार में अनुभव न होना शामिल है. इसके अलावा, वित्त मंत्रालय न मिलने की स्थिति भी एक बड़ी कमी है. अब देखना होगा कि वे देवेंद्र फडणवीस और एकता शिंदे के साथ कैसे काम करती हैं क्योंकि पिछली अच्छी वर्किंग रिलेशनशिप अजित पवार और फडणवीस के बीच थी. कुल मिलाकर, सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर चुनौतियों और अवसरों से भरा है.
Related Posts
Uncategorized
Review: हमने यूज किया ऐपल का सबसे सस्ता iPhone 17e, खरीदने लायक है?
- आज तक
- March 19, 2026
- 0
iPhone 17e कंपनी का नया स्मार्टफोन है. इसे हाल ही में लॉन्च किया गया है. ये iPhone 17 सीरीज का सबसे सस्ता फोन है. हमने इसे कुछ समय तक यूज किया है ताकि आपको ये समझा सकें कि ये फोन कैसा परफॉर्म कर रहा है. रियल वर्ल्ड यूज में क्या है इसका हिसाब किताब आइए …
Uncategorized
'जरूर करूंगा, 100%…', ट्रंप ने दोहराई ग्रीनलैंड पर टैरिफ धमकी, डेनमार्क के पक्ष में आए फिनलैंड-स्वीडन
- आज तक
- January 20, 2026
- 0
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड डील को लेकर आठ यूरोपीय देशों के खिलाफ 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी फिर से दोहराई है. उन्होंने कहा है कि जरूर करूंगा….
Uncategorized
अंतिम संस्कार की थी तैयारी, लेकिन गड्ढे के एक झटके ने 'मुर्दे' में फूंक दी जान!
- आज तक
- March 11, 2026
- 0
पीलीभीत की विनीता शुक्ला को बरेली के डॉक्टरों ने मृतप्राय मानकर घर ले जाने की सलाह दे दी थी. घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन रास्ते में एंबुलेंस का पहिया गड्ढे में गिरते ही विनीता के शरीर में हरकत हुई और एक बड़े ‘चमत्कार’ ने उन…