कृष्ण पक्ष में चंद्रमा क्षीण होता जाता है, जो ‘मन’ के क्षय का प्रतीक है. चतुर्दशी तक आते-आते मन लगभग शांत हो जाता है. यह स्थिति अहंकार के लय और आत्मचिंतन के लिए अनुकूल मानी गई है. भगवान शिव को ‘अहंकार विनाशक’ और ‘संहार के देवता’ कहा जाता है.
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