राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि गिरफ्तारी से कोई शख्स दोषी सिद्ध नहीं होता. आरोपी की फोटो जारी करना अनुच्छेद 21 के तहत गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन है. कोर्ट ने पुलिस को आरोपी और अधिवक्ता की तस्वीरें तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 को होगी.
Related Posts
Uncategorized
15 मार्च को बनेगी सूर्य-शनि की युति, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
- आज तक
- March 5, 2026
- 0
Surya Shani Yuti 2026: 15 मार्च 2026 को मीन राशि में सूर्य और शनि की दुर्लभ युति बनने जा रही है. जानें इस खास योग का किन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर और किसे मिलेगा करियर व धन में लाभ….
Uncategorized
65 साल बाद घर लौटीं ‘मिठनी’, शादी के बाद डकैतों ने कर लिया था किडनैप
- आज तक
- February 15, 2026
- 0
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक 15 साल की लड़की को डकैतों ने 1961-62 में किडनैप कर लिया था. किडनैपिंग के बाद डकैत लड़की को जंगलों में लेकर घूमते रहे और बाद में एक व्यक्ति को सौंप दिया. इस घटना के 65 साल बाद 80 साल की उम्र में वो घर पहुंची हैं. …
Uncategorized
ट्रैफिक में फंसने के कारण गर्भवती महिला ने एम्बुलेंस में दिया बच्चे को जन्म
- आज तक
- February 26, 2026
- 0
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र में डीजे और भीड़ के कारण एम्बुलेंस जाम में फंसने से गर्भवती महिला को वाहन के अंदर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा. कोटिया गांव निवासी नंदिनी सेठ को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन 108 एम्बुलेंस से अस्पताल ले…