'मैंने समझा कपल है, रात दो बजे का वो सीन…' ट्रिपल सुसाइड के चश्मदीद अरुण की जुबानी

‘रात करीब दो बजे बालकनी की लाइट जली हुई थी और रेलिंग पर कोई बैठा दिखा. मुझे वहां सब कुछ नॉर्मल नहीं लगा. ऐसा दिखाई दिया जैसे कोई कपल हो. एक व्यक्ति पीछे की ओर से कूदने की कोशिश कर रहा था, जबकि दूसरा उसे अपनी तरफ खींच रहा. उस समय तीन लोग नहीं दिखे, सिर्फ दो ही नजर आ रहे थे…’ ये कहना है गाजियाबाद में तीन बहनों के सुसाइड को देखने वाले अरुण का.

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