ईरान के युद्धपोत को अमेरिकी सेना ने हिन्द महासागर में डुबो दिया है. राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष के अनुसार ईरान की सत्तावादी सरकार जानती है कि वह अकेले अमेरिका और इजरायल का सामना नहीं कर सकती है. इसलिए वह दुबई और सऊदी अरब में हमले कर रहा है, जिससे इन देशों की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है. इस संघर्ष को लंबा चलने वाला बताया जा रहा है और इसके गंभीर आर्थिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं.
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