स्पीकर ओम बिरला का कहना है कि हमारे संसदीय लोकतंत्र की स्थापना संविधान निर्माताओं के गहन विमर्श और अनुभव पर आधारित है. स्वतंत्र भारत के संविधान में संसदीय लोकतंत्र को शासन की सर्वश्रेष्ठ पद्धति माना गया है. इस व्यवस्था में संसद का कार्य केवल कानून बनाना ही नहीं बल्कि यह राष्ट्र की लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बिंदु भी है. सदस्यों के बीच सहमति और असहमति की परंपरा यहां लोकतंत्र की जीवंतता और मजबूती को दर्शाती है.
Related Posts
Uncategorized
Israel Attack Iran: पिछले 24 घंटे में में ईरान में करीब 57 लोगों की मौत- IRNA
- आज तक
- March 1, 2026
- 0
ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के अनुसार ईरान पर पिछले 24 घंटे में 60 हमले हुए हैं, साथ ही ये भी दावा किया गया है कि पिछले 24 घंटे में में ईरान में कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई है….
Uncategorized
फाइनल में वरुण को नहीं मिलेगा चांस? कप्तान सूर्या ने बताया टीम इंडिया का गेम प्लान
- आज तक
- March 7, 2026
- 0
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 64 रन दे दिए और सुपर-8 के बाद उनका प्रदर्शन लगातार गिरा है. हालांकि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा है कि टीम को उनकी फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है और फाइनल से पहले बदलाव पर फैसला …