'16 घंटे ड्राइविंग, रोज हाथ में बचते सिर्फ…', रेडिट पर बेंगलुरु के ड्राइवर की कहानी वायरल

डेढ़ साल तक बेरोज़गार रहने के बाद बेंगलुरु के एक कैब ड्राइवर ने मजबूरी में राइड-हेलिंग ऐप्स का सहारा लिया. रेडिट पर उसने अपनी रोजाना की कमाई, खर्च और 16 घंटे तक काम करने की थकान का पूरा हिसाब बताया.

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