पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि होलिका दहन के लिए प्रदोष काल व्यापिनी पूर्णिमा और भद्रा रहित समय का होना अनिवार्य है. भद्रा काल के चलते 2 मार्च को होलिका दहन संभव नहीं है. 3 मार्च को भद्रा नहीं है. उदयकालीन पूर्णिमा भी मिल रही है. इसलिए होलिका दहन के लिए 3 मार्च की तारीख ही उपयुक्त है.
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